हिमालय की शांत पर्वत-श्रृंखलाओं में बसा अल्मोड़ा केवल एक प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर नगर नहीं है, बल्कि यह भारत के महान संन्यासी और विचारक स्वामी विवेकानंद के जीवन से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्नीसवीं शताब्दी के अंतिम वर्षों में स्वामी विवेकानंद ने अल्मोड़ा में तीन बार प्रवास किया। स्वामी...
खोली: पत्थर के मकानों पर लकड़ी का शृंगार
के ग्रामीण परिवेश में आज भी पुराने दरवाजे और खिड़कियां जिनके ऊपर महीन नक्काशी की गई है, मौजूद हैं। कुमाऊँ मंडल के अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चम्पावत तथा बागेश्वर इस कला में अति समृद्ध हैं। पर्वतीय क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों...









