स्वामी विवेकानंद की प्रथम विदेशी शिष्या सिस्टर निवेदिता को कौन नहीं जानता। लेकिन बहुत ही कम लोग जानते हैं कि सिस्टर निवेदिता को भारतीय ध्यान साधना और उसके अनुसरण की प्रक्रिया का ज्ञान स्वामी विवेकानंद ने अल्मोड़ा में ही दिया था। सिस्टर निवेदिता ने अल्मोड़ा के जिस भवन मे में प्रवास किया उसे आज...
बाखली – जहाँ दिल-दीवारें साझा थीं
पर्वतीय क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों में पत्थर और पटाल से बने संयुक्त घरों की लंबी कतारें सहज ही आकर्षित करती सी लगती हैं। इन्हें बाखली कहते हैं। आज के ‘फ्लैट कल्चर’ और बंद कमरों के दौर में, बाखली की अवधारणा...









