Himvan

लेखक: कौशल किशोर सक्सेना

कुमाऊँ में भी पल्लवित हुई थी ताम्र युगीन संस्कृति

हजारों वर्ष पूर्व कुमाऊँ मंडल में पल्लवित हुई ताम्र युगीन संस्कृति के अवशेष अल्मोड़ा के राजकीय संग्रहालय में सुरक्षित हैं। इन अवशेषों के रूप में तांबे की बनी ऐसी मानवाकृतियां हैं जिन्हें अल्मोड़ा तथा पिथौरागढ़ जिलों से...

हिमालय की मिनिएचर पेंटिंग के चितेरे हैं प्रभात जोशी

प्रकृति की विराटता को समझ पाना तथा उसे सूक्ष्मतम रूप में अभिव्यक्त कर देने का हुनर बिरला लोगों को ही मिलता है। अल्मो़ड़ा निवासी प्रभात जोशी भी उन बिरला लोगों में से एक हैं जिन्होंने हिमालय के विविध रंगों तथा सौंदर्य को...

सुरों की थाप पर संकट: आधुनिकता की मशीन में पिसती उत्तराखण्ड की विरासत ‘हुड़का’

उत्तराखण्ड की वादियों में जब ढोल, दमाऊ, नगाड़ा और थाली की गूँज उठती है, तो यहाँ की संस्कृति जीवंत हो उठती है। इन सभी अवनद्ध वाद्य यंत्रों (Membranophones) में एक ऐसा वाद्य यंत्र है, जिसे उत्तराखण्ड के लोक संगीत का...

अल्मोड़ा में ब्रिटिश युग के बंगले

अल्मोड़ा हिमालय की गोद में बसा एक सुरम्य नगर है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। लेकिन इस सुन्दर नगर में छिपे हुए अनेक खूबसूरत बंगले हैं जो औपनिवेशिक युग की याद...

खोली: पत्थर के मकानों पर लकड़ी का श्रृंगार

कुमाऊँ क्षेत्र में पारंपरिक मकानों की सबसे बड़ी विशेषता उनका नक्काशीदार, भव्य एवं विशाल मुख्य प्रवेशद्वार है जिसे स्थानीय भाषा में खोली कहते हैं। खोली इन मकानों की भावनात्मक पहचान है। यह द्वार केवल घर के अंदर आने का...

बाखली – जहाँ दिल-दीवारें साझा थीं

पर्वतीय क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों में पत्थर और पटाल से बने पुराने घरों की लंबी कतारें सहज ही आकर्षित करती हैं। इन्हें बाखली कहते हैं। आज के ‘फ्लैट कल्चर’ और बंद कमरों के मकानों के दौर में, बाखली की अवधारणा...

श्री कल्याणिका हिमालय देव स्थानम् (डोल आश्रम )कनरा अल्मोड़ा

उत्तराखंड के अल्मोड़ा से लगभग 40 किमी दूर लमगड़ा के पास कनरा गाँव की शांत वादियों में स्थित, डोल आश्रम श्री कल्याणिका हिमालय देव स्थानम् एक आध्यात्मिक आश्रम है । घने हिमालयी जंगलों के बीच 1,600 मीटर की ऊँचाई पर बसे इस...

कसार देवी मंदिर -अल्मोड़ा

अल्मोड़ा नगर से सात किमी की दूरी पर अल्मोड़ा- कफड़खान मार्ग पर पुरातन शक्तिपीठ कसारदेवी एक उंची चोटी पर स्थित है। स्कंद पुराण के मानस खंड में अल्मोड़ा के पास जिस काषाय पर्वत का उल्लेख है वह सम्भवतः कसारदेवी पर्वत ही है।...

अल्मोड़ा में स्वामी विवेकानंद

हिमालय की शांत पर्वत-श्रृंखलाओं में बसा अल्मोड़ा केवल एक प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर नगर नहीं है, बल्कि यह भारत के महान संन्यासी और विचारक स्वामी विवेकानंद के जीवन से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्नीसवीं शताब्दी के अंतिम...