पर्वतीय क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों में पत्थर और पटाल से बने संयुक्त घरों की लंबी कतारें सहज ही आकर्षित करती सी लगती हैं।ये मकान सिर्फ निर्जीव पत्थरों से बनी शिल्प संरचनायें नहीं हैं अपितु कुमाऊँनी जनजीवन के सामूहिक निवास की शैली का सबसे बड़ा प्रतीक हैं जिन्हें हम बाखली कहते हैं। आज के ‘फ्लैट...













