Himvan :: Kumaon Art, Craft and Culture

कसार देवी मंदिर

स्वप्निल सक्सेना अल्मोड़ा नगर से सात किमी की दूरी पर अल्मोड़ा- कफड़खान मार्ग पर पुरातन शक्तिपीठ कसारदेवी एक उंची चोटी पर स्थित है। स्कंद पुराण के मानस खंड में अल्मोड़ा के पास जिस काषाय पर्वत का उल्लेख है वह सम्भवतः कसारदेवी पर्वत ही है। शुम्भ निशुम्भ नामक दैत्यों का वध करने वाली देवी ने कौशकी रूप धारण...

अल्मोड़ा में स्वामी विवेकानंद

हिमालय की शांत पर्वत-श्रृंखलाओं में बसा अल्मोड़ा केवल एक प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर नगर नहीं है, बल्कि यह भारत के महान संन्यासी और विचारक स्वामी विवेकानंद के जीवन से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्नीसवीं शताब्दी के अंतिम वर्षों में स्वामी विवेकानंद ने अल्मोड़ा में तीन बार प्रवास किया। स्वामी...

अल्मोड़ा -एक सांस्कृतिक नगर

प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर अल्मोड़ा कुमाऊँ का प्राचीन एवं ऐतिहासिक नगर है। इसकेरमणीक सौन्दर्य से प्रभावित देश-विदेश से पर्यटक आध्यात्मिक अनुभूति तथा प्राकृतिक सौन्दर्यके रसास्वादन के लिए भारी संख्या में अल्मोड़ा आते हैं। प्रतीत होता है कि प्रकृति निर्माता नेइसे सप्त रंगों की तूलिका से विश्राम के...

नंदादेवी अल्मोड़ा- प्रतिमा निर्माण

नन्दादेवी का मेला भाद्रमास की पंचमी से प्रारम्भ होता है जिसमें नन्दा एवं सुनन्दा की केले की वृक्षों से दो प्रतिमाएं बनाई जाती हैं। इस प्रतिमाओं का निर्माण करने के लिए नगर के ऐसे व्यक्तियों, जिनके बगीचों में केले के वृक्ष स्थित हैं से सम्पर्क स्थापित करके प्रतिमा निर्माण के लिए उनसे चार केले के...

अल्मोड़ा का नंदा देवी मंदिर : आस्था, इतिहास और राष्ट्रीय चेतना का केन्द्र

नंदा देवी मंदिर, अल्मोड़ा : आस्था, स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय चेतना का केन्द्र अल्मोड़ा का नंदा देवी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि कुमाऊँ की सामूहिक चेतना और राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम का केंद्र है। तीन शताब्दियों से अधिक पुराना यह मंदिर उस दौर का साक्षी है जब आस्था और राजनीति एक साथ...

श्रेणी: अल्मोड़ा

नंदादेवी मेला – अल्मोड़ा

समूचे पर्वतीय क्षेत्र में हिमालय की पुत्री नंदा का बड़ा सम्मान है । उत्तराखंड में भी नंदादेवी के अनेकानेक मंदिर हैं । यहाँ की अनेक नदियाँ, पर्वत श्रंखलायें, पहाड़ और नगर नंदा के नाम पर है । नंदादेवी, नंदाकोट, नंदाभनार...

बौद्ध आश्रम कसार देवी अल्मोड़ा

अल्मोड़ा का अन्तराष्ट्रीय बौद्ध आश्रम उच्च स्तरीय ध्यान एवं साधना करने वाले देसी विदेशी साधकों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र है। यह साधना केन्द्र बौद्ध धर्म अनुयायियों की कग्युग शाखा का उत्तराखंड में स्थापित सबसे...

अल्मोड़ा का नाम रोशन किया था आइरिन पंत ने

आजादी से पूर्व के जिन प्रखर व्यक्तित्वों के कारण अल्मोड़ा जैसे छोटे पर्वतीय नगर की विशिष्ट पहचान बनी तथा गरिमा में वृद्धि हुई उनमें आइरिन पंत उर्फ राना लियाकत अली गुलराना का नाम आज भी दीपक की ज्योति की तरह टिमटिमा रहा...

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