Himvan :: Kumaon Art, Craft and Culture

श्रेणी: नंदा देवी

Information about Shri Nanda Devi, who is the daughter of Himalayas and is worshipped across Uttarakhand. There are many temples across Uttarakhand devoted to her.

उत्तरांचल के लोकगीतों में नंदा

अल्मोड़ा में ग्रीष्म की पीली उदास धुंधलाई संध्या की इस वेला में……..मैं एकाकी बैठा कसार देवी के शिखर पर….और देख रहा हूं सुदूर हिमाच्छादित नंदा देवी के शिखर को! थके मांदे सूरज की अस्तमुखी किरणें कुहासे में डूबे धूमिल...

नंदादेवी अल्मोड़ा- प्रतिमा निर्माण

नन्दादेवी का मेला भाद्रमास की पंचमी से प्रारम्भ होता है जिसमें नन्दा एवं सुनन्दा की केले की वृक्षों से दो प्रतिमाएं बनाई जाती हैं। इस प्रतिमाओं का निर्माण करने के लिए नगर के ऐसे व्यक्तियों, जिनके बगीचों में केले के...

नन्दा : विविध रूपों में

वैदिक एवं पुराण साहित्य में हिमालय (हैमवत) को केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि शिव और शक्ति का निवास स्थान कहा गया है। ऋग्वेद में हिमालय को देवताओं के निवास के रूप में वर्णित किया गया है। महाभारत में भी इसे देवताओं का...

अल्मोड़ा का नंदा देवी मंदिर : आस्था, इतिहास और राष्ट्रीय चेतना का केन्द्र

अल्मोड़ा का नंदा देवी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि कुमाऊँ की सामूहिक चेतना और राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम का केंद्र है। तीन शताब्दियों से अधिक पुराना यह मंदिर उस दौर का साक्षी है जब आस्था और राजनीति एक साथ...

कुमाऊँ में नंदा राजजात की परंपरा

नंदा राजजात गढ़वाल–कुमाऊँ की साझा सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक पहचान की सबसे विराट यात्रा मानी जाती है। कुमाऊँ में इसकी परंपरा, ऐतिहासिक घटनाओं और 2000 में पुनः प्रारंभ हुई भागीदारी को तीन प्रमुख चरणों में समझा जा...

नंदादेवी मंदिर ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी स्थल भी है।

अल्मोड़ा का नंदादेवी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि लोकश्रद्धा सत्ता, और ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी स्थल भी है।इस मंदिर का इतिहास न केवल धार्मिक परंपराओं का दर्पण है, बल्कि क्षेत्र के राजनैतिक और सांस्कृतिक विकास...

अल्मोड़ा की नंदादेवी और उनकी विरासत

उत्तराखंड की देवभूमि में नंदादेवी केवल एक देवी नहीं, बल्कि समूचे उत्तराखंड की सामूहिक एकरूपता की भी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रतीक हैं। अल्मोड़ा स्थित नंदादेवी मंदिर आज जिस श्रद्धा और सम्मान का केंद्र है, उसका इतिहास...

   अल्मोड़ा नन्दादेवी मेले में नन्दा की पूजन परम्परा

ज्योतिष, तन्त्र और मन्त्र ये ऐसी तीन विद्यायें हैं, जिससे उत्तराखण्ड का जनजीवन और लोक संस्कृति काफी प्रभावित रही है। कत्यूरी और चन्द राजा तन्त्र विद्या में पारंगत माने जाते थे। देवी की पूजा युद्ध देवी के रूप में करने की...

नंदादेवी राजजात कुमाऊँ-2000

नंदा राजजात की परम्परा कुमाऊँ में किस तरहसे प्रारम्भ हुई इस विषय में इतिहास मौन है। नंदादेवी सम्भ्वतः कत्यूरी नरेशों की भी ईष्ट देवी थी। कत्यूरी नरेश ललितशूरदेव के ई.853 के ताम्रपत्र में वंश शाखा संस्थापक निंबर को...

ऐतिहासिक है अल्मोड़ा का रामशिला मंदिर

अल्मोड़ा नगर के अति प्राचीन देवालयों में रामशिला मंदिर का स्थान पहला है। अल्मोड़ा की बसासत के दूसरे चरण के अन्तर्गत राजा रूद्रचंद के कार्यकाल में वर्ष 1588-89 में एक नये अष्ट पहल राजनिवास का निर्माण नगर के मध्य में...